
जब मौसम बिगाड़ दे छुट्टियों का मज़ा: खराब मौसम के चलते बड़ी एयरलाइनों की उड़ानें रद्द
छुट्टियों का मौसम आमतौर पर साल का सबसे व्यस्त समय होता है। परिवार से मिलना, त्योहारों की पार्टियाँ और नए साल का जश्न सब कुछ समय पर और सुचारू यात्रा पर टिका होता है। लेकिन इस बार भारत समेत कई जगहों पर यात्रियों की योजनाएँ लंबी कतारों या भीड़भाड़ वाले एयरपोर्ट की वजह से नहीं, बल्कि एक और ज्यादा अनिश्चित कारण से बिगड़ रही हैं मौसम।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा और बेहद कम दृश्यता ने उड़ान सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइनों को सैकड़ों उड़ानें रद्द या देरी से चलानी पड़ी हैं। घर जाने या छुट्टियों पर निकलने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति काफी परेशान करने वाली, महंगी और तनाव से भरी रही है।
क्यों रद्द हो रही हैं उड़ानें
इन सभी परेशानियों की सबसे बड़ी वजह है उत्तर और पूर्वी भारत के बड़े इलाकों में छाया घना कोहरा खासकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे बड़े एयरपोर्ट के आसपास। कोहरे के कारण दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि विमान का सुरक्षित तरीके से उड़ान भरना या लैंड करना जोखिम भरा हो जाता है।
कुछ मामलों में रनवे पर खास ‘लो-विज़िबिलिटी’ प्रक्रियाएँ (CAT III) लागू की जाती हैं, लेकिन जब मौसम साथ न दे, तो इनकी भी एक सीमा होती है।
पिछले कुछ ही दिनों में खराब मौसम के चलते दर्जनों उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं:
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29 और 30 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर घने कोहरे के कारण 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ही दिन में करीब 130 उड़ानें प्रभावित हुईं।
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देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने बताया कि खराब मौसम के कारण उसके नेटवर्क में 57 से लेकर 118 तक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
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एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने भी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की, जिसमें यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की अपील की गई।
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यह समस्या सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है। मुंबई, बेंगलुरु, कोचीन, पटना, अमृतसर, जयपुर जैसे कई शहरों से आने-जाने वाली उड़ानें भी मौसम की मार झेल रही हैं।
यात्रियों पर क्या असर पड़ा
कई यात्रियों के लिए यह सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि भारी तनाव और खर्च का कारण बन गया है। सोचिए, महीनों से तय की गई छुट्टियों की योजना और अचानक मोबाइल पर फ्लाइट कैंसिल होने का मैसेज आ जाए। या सुबह-सुबह एयरपोर्ट पहुँचें और पता चले कि आपकी उड़ान का स्टेटस बदल चुका है।
यात्रियों ने अपनी परेशानियाँ खुलकर साझा की हैं:
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कई लोगों को आखिरी समय पर उड़ान रद्द होने की जानकारी मिली, वो भी बिना किसी साफ वजह या सही सूचना के।
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एयरपोर्ट काउंटर पर लंबा इंतज़ार और कस्टमर केयर को लगातार फोन करना पड़ा।
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कुछ यात्रियों को रिफंड या रीबुकिंग में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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कई मामलों में एयरलाइनों पर खराब कम्युनिकेशन और सपोर्ट को लेकर सवाल उठे हैं।
सोशल मीडिया और पब्लिक प्लेटफॉर्म्स पर इन अनुभवों को लेकर नाराज़गी साफ दिखी है।
इसके अलावा, एक उड़ान रद्द होने से पूरे दिन का शेड्यूल बिगड़ सकता है। एक फ्लाइट की देरी या कैंसिलेशन का असर दूसरी रूट्स पर भी पड़ता है। ऐसे में कन्फर्म टिकट होने के बावजूद यात्री बार-बार फ्लाइट स्टेटस चेक करते रहते हैं, इस डर में कि कहीं उनकी उड़ान भी न रद्द हो जाए।
मौसम का असर इतना बड़ा क्यों होता है
हवाई यात्रा में सुरक्षा सबसे ऊपर होती है। उड़ान भरने और लैंडिंग के लिए साफ दृश्यता बेहद ज़रूरी होती है। जब कोहरा, बारिश या तूफान हालात बिगाड़ देते हैं, तो एयरलाइनों को मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं:
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सुरक्षा पहले: कोई भी एयरलाइन जोखिम लेकर उड़ान नहीं चलाना चाहती।
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नियम और पाबंदियाँ: विमानन अधिकारियों के सख्त नियम होते हैं। तय सीमा से नीचे दृश्यता होने पर उड़ान रोकनी पड़ती है।
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नेटवर्क की जटिलता: आज की एयरलाइन शेड्यूलिंग एक-दूसरे से जुड़ी होती है। एक जगह की देरी देश के दूसरे कोने तक असर डाल सकती है, खासकर छुट्टियों के पीक सीज़न में।
मौसम के कारण उड़ान रद्द हो जाए तो क्या करें
अगर आपकी फ्लाइट भी रद्द हो गई है या आप आने वाले दिनों में यात्रा करने वाले हैं, तो ये टिप्स काम आ सकते हैं:
💡 फ्लाइट स्टेटस बार-बार चेक करें
मौसम जल्दी बदलता है। घर से निकलने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर लेटेस्ट अपडेट ज़रूर देखें।
🧳 अतिरिक्त समय रखें
खराब मौसम में एयरपोर्ट पहुँचने के लिए सामान्य से पहले निकलें। ट्रैफिक और अतिरिक्त जांच में समय लग सकता है।
🔄 रीबुकिंग के विकल्प देखें
ज्यादातर एयरलाइंस कैंसिल हुई फ्लाइट पर रीबुकिंग या रिफंड देती हैं। ऐप, कस्टमर केयर या एयरपोर्ट काउंटर से जानकारी लें। कई बार चेंज फीस भी माफ कर दी जाती है।
📦 ट्रैवल इंश्योरेंस मददगार हो सकता है
अगर आपके पास ट्रैवल इंश्योरेंस है, तो पॉलिसी जरूर चेक करें। कई मामलों में मौसम से जुड़ी देरी या कैंसिलेशन कवर होती है।
आगे क्या उम्मीद करें
मौसम का कोई त्वरित समाधान नहीं होता। कोहरा और सर्दियों की खराब स्थितियाँ प्रकृति का हिस्सा हैं। एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन आखिरकार मौसम की ही चलती है।
फिलहाल यात्रियों को लचीलापन और धैर्य रखना होगा। जब तक दृश्यता कम और मौसम खराब रहेगा, तब तक उड़ानों के रद्द होने की संभावना बनी रहेगी।
इसलिए अगर आप इस सीज़न में यात्रा की योजना बना रहे हैं या मौसम को लेकर चेतावनियाँ सुन रहे हैं, तो पहले से तैयारी करें, अपडेट्स पर नज़र रखें और मानसिक रूप से तैयार रहें क्योंकि कभी-कभी खराब मौसम सिर्फ परेशानी नहीं होता वह पूरी ट्रैवल प्लानिंग ही बिगाड़ देता है।
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